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स्व-ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी जल्द ही सड़कों पे दिखाई देंगी

विभिन्न रोबोटिक्स हमें सोचने के लिए मजबूर कर रहे हैं, क्या वे कभी मानव की जगह ले सकते हैं। ठीक इसी तरह, स्व-ड्राइविंग कारों के बारे में सुनकर हम सोचते हैं कि, हमारे व्यक्तिगत परिवहन का भविष्य क्या होगा? दुनिया स्व-ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रही है। इसके बारे में सोचकर हमें लगता है की हम कोई साइंस-फिक्शन फिल्म देख रहे हो। लेकिन अब यह एक फिक्शन नहीं बल्कि वास्तविकता है।

आज, कार कंपनियों ने अर्ध-स्वायत्त विशेषताओं जैसे कि स्व-ब्रेकिंग और पार्किंग-सहायता डालना शुरू कर दिया है। स्वयं-ड्राइविंग कारों के बारे में बात करे तो, वे पूर्ण मानव रहित होंगीऔर मानव इंटरफेस के बिना काम करने में सक्षम होंगी। Google स्वयं-ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी के निरंतरता के लिए ‘AI’ विकसित कर रहा है जो 2020 तक बाजार में आएगा।

क्या है, स्व-ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी?

स्व-ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी को ड्राइवर-रहित या एनोनिमस-ड्राइविंग तकनीक भी कहा जा सकता है। स्व-ड्राइविंग कार या अन्य स्वचालित वाहनों को नियंत्रित करने और संचालित करने के लिए उन्हें मनुष्यों की आवश्यकता नहीं होती है। इसके बजाय सेंसर, AI और सॉफ्टवेयर, स्व-ड्राइविंग कार या ड्राइवर-रहित वाहन को चलाते हैं। ये सॉफ़्टवेयर ड्राइवर रहित वाहनों का नेविगेशन और नियंत्रण भी करते हैं।

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अभी तक स्व-ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी चलन में नहीं आयी है । दूसरे शब्दों में कह सकते है की वर्तमान में सड़कों पर ‘ड्राइवर-रहित’ वाहन संचालित नहीं हो रहे है। लेकिन यह तकनीक अब दूर नहीं है। चूंकि दुनिया नई प्रौद्योगिकियों को अपना रही है, इसलिए हम जल्द ही स्वयं के सामने चल रहे स्व-ड्राइविंग कारों को देख सकते हैं।

कुछ वाहन निर्माताओं और टेक्नोलॉजी कंपनियों के अनुमान के आधार पर कुछ वर्षों में स्वयं-ड्राइविंग कार बिक्री के लिए उपलब्ध हो सकती है। वर्तमान में, Google, Uber, Tesla, Nissan, और कुछ अन्य ऑटोमोटर्स, शोधकर्ताओं और टेक्नोलॉजी कंपनियों द्वारा स्वयं ड्राइविंग कार विकसित कर रही है।

कैसे काम करती हैं, स्व-ड्राइविंग कारें?

अधिकांश स्व-ड्राइविंग कारें या वाहन अपने आसपास के आंतरिक मानचित्र को बनाते हैं। इस मानचित्र के आधार पर, उनके सेंसर और रडार स्थिरता बनाए रखते हैं और उन्हें नियंत्रित करते हैं। कुछ स्व-ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी मानचित्र बनाने के लिए लेजर बीम, उच्च-संचालित कैमरे और सोनार का भी उपयोग करती हैं। सॉफ्टवेयर और AI फिर मानचित्र के अनुसार इनपुट को संसाधित करता है और वाहन के लिए पथ बनाता है।

इसके अलावा सॉफ़्टवेयर स्व-ड्राइविंग कार त्वरण, ब्रेक और स्टीयरिंग को नियंत्रित करता है। इसका प्रोटोकॉल बाधाओं को समझने और किसी वस्तु की भविष्यवाणी करने के लिए कड़ाई से डिजाइन किया गया है। AI एक वस्तु और दूसरे के बीच की दूरी को भी समझता है। दिलचस्प तथ्य यह है कि सॉफ़्टवेयर यातायात नियमों का भी पालन करता है!

स्व-ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी के साथ वर्तमान में चुनौतियां

हालांकि प्रमुख वाहन निर्माताओं द्वारा स्व-ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी विकसित हो रही हैं, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हुई हैं।

1. हर स्थिति में तेजी से निर्णय लेने में सक्षम होना चाहिए -स्वयं ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी को महत्वपूर्ण स्थितियों में तेजी से निर्णय लेना चाहिए। अगर वे किसी भी स्थिति को अच्छी तरह समझने में सक्षम होंगे, तो मानव के लिए अधिक सुरक्षित हो सकता है।

2. कॉस्ट-इफेक्टिवनेस – जैसा की शुरुआत में हर नयी तकनीक, उच्च लागत के साथ बाजार में आती है। जिसके कारण, केवल समृद्ध समुदाय ही उन्हें अफ़्फोर्ड कर सकता है। स्व-ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी भी प्रारंभिक चरण में हैं और आम लोगों तक पहुंचने के लिए अभी बहुत दूर हो सकती हैं।

3. सड़कों का बुनियादी ढांचा – भले ही हम पूर्णता के साथ स्व-ड्राइविंग कार टेक्नोलॉजी विकसित कर ले, फिर भी इसके प्रोटोकॉल के अनुसार, सड़क संगतता की आवश्यकता होगी।

4. सरकार अनुमतियां -आखिर में, लोगों के सुरक्षा के लिए अलग-अलग देशों में उनके नियम और रेगुलेशन होते हैं। इसलिए, देश में स्व-ड्राइविंग कारों की बिक्री के लिए, कंपनियों को सरकारी मंजूरी की आवश्यकता हो सकती है।

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